जीने का मंत्र – अनु महेश्वरी

जीना सीख ले तो,
ज़िन्दगी बड़ी प्यारी है।

न नफ़रत हो मन में,
न हिंसा हो व्यवहार में।

भेदभाव ख़तम करे हम,
सबको माने अपना हम।

बड़े का सम्मान करे,
छोटो से प्यार करे।

त्याग करे हम,
झूठ, अहंकार और हिंसा।

मन में रहे हमेशा,
ईमानदारी, नम्रता और उम्मीद।

सोच के इस्तमाल करे,
समय, अवसर और शब्द।

आत्मविश्वास न हिलने पाए,
जीवन में तब खुशिया आए।

सच्चाई का अगर रास्ता अपनाए,
जीवन में सुकून एवं शांति आए।

 

‘अनु महेश्वरी’
चेन्नई

19 Comments

  1. babucm 23/09/2016
    • ANU MAHESHWARI 23/09/2016
  2. Shishir "Madhukar" 23/09/2016
    • ANU MAHESHWARI 23/09/2016
  3. Ashok Mishra 23/09/2016
    • ANU MAHESHWARI 23/09/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 24/09/2016
    • ANU MAHESHWARI 24/09/2016
  5. kiran kapur gulati 24/09/2016
    • ANU MAHESHWARI 24/09/2016
  6. Bindeshwar prasad sharma 24/09/2016
    • ANU MAHESHWARI 24/09/2016
    • ANU MAHESHWARI 24/09/2016
  7. शीतलेश थुल 24/09/2016
    • ANU MAHESHWARI 24/09/2016
  8. Kajalsoni 24/09/2016
    • Anu Maheshwari 24/09/2016
    • ANU MAHESHWARI 28/09/2016

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