तेरी स्मृतियाँ”” “”””” “सविता वर्मा

ये चाँद,ये तारे,ये रतिया
तुम्हारे बिन न बांहो का तकिया
के तुमको ही ढूढती है बहिया।

ये मेहदी,ये पायल,ये बिदियां
तुम बिन नही कोई बतियां
के तुमको ही ढूढती है अखियां।

ये आस ,ये प्यास,ये निजमन की बतियां
तुम बिन नही कोई स्मृतियां
के तुमको ही ढूढती है आंसुओ की लडि़या।

16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 14/09/2016
    • Saviakna 14/09/2016
  2. Dr. Vivek Kumar 14/09/2016
    • Saviakna 14/09/2016
  3. Meena bhardwaj 14/09/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 14/09/2016
  5. babucm 14/09/2016
    • Saviakna 15/09/2016
      • babucm 15/09/2016
  6. अकिंत कुमार तिवारी 14/09/2016
  7. MANOJ KUMAR 15/09/2016
  8. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 15/09/2016
  9. Saviakna 15/09/2016
  10. शीतलेश थुल 15/09/2016
  11. Kajalsoni 15/09/2016
  12. Saviakna 15/09/2016

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