स्त्री का गहना – शिशिर मधुकर

शर्म हया और मीठी बोली एक स्त्री का गहना हैं
ऐसी लक्ष्मी वाले घर का यारो कुछ ना कहना है
जहाँ नहीँ ऐसी गृह शोभा वाक युध्द ना थमता हैं
उस घर के मालिक को तो जीवन भर ये सहना हैं

शिशिर मधुकर

16 Comments

    • Shishir "Madhukar" 14/09/2016
  1. kiran kapur gulati 14/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 14/09/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 14/09/2016
  3. babucm 14/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 14/09/2016
  4. Kajalsoni 14/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 14/09/2016
  5. Dr. Vivek Kumar 14/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 15/09/2016
  6. निवातियाँ डी. के. 14/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 15/09/2016
  7. MANOJ KUMAR 15/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 15/09/2016

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