हार…….सी.एम्. शर्मा (बब्बू)….

मैं यूं ही हंस रहा था…
फिर सच में हंसी आ गयी…..
हंसा मैं बहुत ज़ोर ज़ोर से….
जैसे मुद्दतों बाद कुछ पाया हो….
हंसी तो थम गयी पर…
आंसू यूं बह उठे कि….
जैसे कभी बहे ना हों….

कमाल है…
दिमाग भी…
दिल से कितनी जल्दी…
हार मान गया…..

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/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)….

12 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 14/09/2016
    • babucm 15/09/2016
    • babucm 15/09/2016
  2. कमल "बिजनौरी" 14/09/2016
    • babucm 17/09/2016
  3. Kajalsoni 14/09/2016
    • babucm 15/09/2016
  4. Shishir "Madhukar" 14/09/2016
    • babucm 15/09/2016
  5. Meena bhardwaj 14/09/2016
    • babucm 15/09/2016

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