“सवाल”

परसाईं जी ने कभी लिखा था-

“ पगडंडियों का जमाना है “

 बड़े दूरदृष्टा थे

 पहले ही भांप गए

 आने वाला कल कैसा है ?

 आजकल तो बस

 पगडंडियाँ ही पगडंडियाँ दिखाई देती हैं

 इन पगडंडियों की भीड़ में

 उनका क्या जो केवल

 सीधी राह चलते हैं .

“मीना भारद्वाज”

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 11/09/2016
  2. Meena bhardwaj 11/09/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 11/09/2016
    • Meena bhardwaj 11/09/2016
  4. babucm 12/09/2016
    • Meena bhardwaj 12/09/2016
  5. Kajalsoni 12/09/2016
    • Meena bhardwaj 12/09/2016
  6. निवातियाँ डी. के. 12/09/2016
  7. Meena bhardwaj 12/09/2016
  8. ALKA 23/09/2016
    • Meena Bhardwaj 23/09/2016

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