रूह के एहसास – शिशिर मधुकर

अगर तुम वक्त से जाग जाते तो हमें नहीँ खोते
रूह के एहसास कभी जहाँ में गलत नही होते
अपनी धड़कनो में मुझे गर तुमने बसाया होता
संग हँसते सदा और तन्हाई में अलग नही रोते

शिशिर मधुकर

16 Comments

    • Shishir "Madhukar" 09/09/2016
  1. Meena bhardwaj 09/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 09/09/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 09/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 09/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 10/09/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 10/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 10/09/2016
  4. Dr Swati Gupta 10/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 10/09/2016
  5. C.m sharma(babbu) 10/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 10/09/2016
  6. Kajalsoni 12/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 12/09/2016

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