कचरा पेटी3…….सी.एम्. शर्मा (बब्बू) …

तुमको मेरी इस घुटन का अहसास नहीं है…
होगा भी कैसे…तुम्हारे साथ ऐसा हुआ नहीं ना….

हर कोई मुझसे सवाल करता है तुम्हारे बारे…
जो सवाल कम विष भीगे तंज ज्यादा होते….
जो नहीं करते उनकी निगाहें मेरा पीछा करती हैं…
चुभती हैं मेरे तन बदन में…
मन को मार कर सब सह रही हूँ…
कभी मन करता है सब छोड़ के भाग जाऊं…
क्यूँ सहती हूँ मैं….
पर नहीं जा पाती…
इस लिए नहीं कि पाँव नहीं चलते…
इस लिए भी नहीं कि अब…
मेरा जिस्म निर्जीव सा हो गया है…
इस लिए भी नहीं कि कोई तरस खायेगा….
मुझे अपनाएगा…
नहीं….
शायद इस लिए कि…
तुमने भी तो मेरे साथ हर पल गुज़ारा है….
एक विश्वास सा है तुम ऐसा नहीं कर सकते…
तुम्हारी सांसें भी तो उखड़ती होंगी…
तुम भी तो ऐसे ही बदहवास होंगे…
जानती हूँ तुम कचरा निकाले बिना नहीं रह सकते…
ऐसा लगता है उस दिन भी तुम…
कुछ कहना चाहते थे…
कुछ तो था जो नहीं कहा….
बस उसी इंतज़ार में…
कभी तुम आओ और
अपने मन से कचरा निकालो…
\
/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)

16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 09/09/2016
    • C.m sharma(babbu) 10/09/2016
    • C.m sharma(babbu) 10/09/2016
  2. Meena bhardwaj 09/09/2016
    • C.m sharma(babbu) 10/09/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 09/09/2016
    • C.m sharma(babbu) 10/09/2016
    • C.m sharma(babbu) 10/09/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/09/2016
    • C.m sharma(babbu) 10/09/2016
  5. Dr Swati Gupta 10/09/2016
    • C.m sharma(babbu) 10/09/2016
  6. Kajalsoni 12/09/2016
    • babucm 12/09/2016

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