जिन्दगी – शिशिर मधुकर

जिन्दगी अपने हँसी रंग तू दिखाती चल
नए नए चेहरों को मुझसे तू मिलाती चल

समय के साथ में मौसम तो यहाँ बदलेंगे
हर मौसम में मुझे जीना तू सिखाती चल

लाख चाहो मगर बुरे दौर भी तो आते हैं
हर खलिश को दिलो से तू मिटाती चल

उल्फ़त का नशा कभी लहू में कम ना हो
नए जामो के घूंट मुझको तू पिलाती चल

मधुकर को तुझसे अब कोई शिकवा नहीँ
बिछडो को तू बस यूही करीब लाती चल

शिशिर मधुकर

14 Comments

  1. babucm 08/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 08/09/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 08/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 08/09/2016
  3. शीतलेश थुल 08/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 08/09/2016
  4. anuj 08/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 08/09/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 08/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 08/09/2016
  6. Meena bhardwaj 08/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 08/09/2016
  7. vijay kumar Singh 08/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 08/09/2016

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