तन्हाई

sheetanhai
तेरी याद में दिल, चुपके चुपके रो लेता है,
साथ महसूस कर तेरा, तनहा सो लेता है,
आँखें तेरे दर्श को तरसती है,
ना जाने क्यूँ ये बेवजह बरसती है,
हाँथ मेरे छूने को बेकरार है,
अब बस तेरे आने का इन्तजार है,
प्यार किया था मैंने, जमाने से क्या गिला,
दिल टूटा तो गम मिला, जमाने को क्या मिला,
दिल तोड़ने से पहले, आजमाया तो होता,
साथ छोड़ने से पहले, फ़रमाया तो होता,
जाने से पहले , एक दफा देख लिया होता,
हँसते हंसते भी जहर पी लिया होता,
कर दिया जमाने ने तुझे मजबूर,
हो गयी लो अब तुम मुझसे दूर,
यादें तेरी सीने से लगाये, जी लेता हूँ,
एक घूँट तेरी याद में पी लेता हूँ…
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शीतलेश थुल

18 Comments

  1. शीतलेश थुल 07/09/2016
  2. Bindeshwar prasad sharma (bindu) 07/09/2016
    • शीतलेश थुल 08/09/2016
  3. KRISHNA 07/09/2016
    • शीतलेश थुल 08/09/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 07/09/2016
    • शीतलेश थुल 08/09/2016
  5. Shishir "Madhukar" 07/09/2016
    • शीतलेश थुल 08/09/2016
    • शीतलेश थुल 08/09/2016
  6. babucm 07/09/2016
    • शीतलेश थुल 08/09/2016
  7. Dr Swati Gupta 07/09/2016
    • शीतलेश थुल 08/09/2016
  8. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 08/09/2016
    • शीतलेश थुल 08/09/2016

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