आखिरी मुलाक़ात…सी. एम्. शर्मा (बब्बू) ….

कल उनसे मेरी आखिरी मुलाक़ात हो गयी…
पतझड़ की ज़िन्दगी में शुरुआत हो गयी…

कलम उठायी उसने लहू हम ने दे दिया….
यूं इश्क़ की नज़्म की शुरुआत हो गयी….

मेरी ज़िन्दगी भी कैसा एक हादसा सा है….
सुख़न शुरू हुआ नहीं बरसात हो गयी….

तुम भी करीब थे मेरे दिल भी करीब था….
दोनों की बंद फिर क्यूँ मुलाक़ात हो गयी….

यह “बब्बू” की ज़मीन या तेरी खुदा बता….
जहां जहां गया मैं ख़तम कायनात हो गयी…
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/सी. एम्. शर्मा (बब्बू)

18 Comments

  1. mani 06/09/2016
    • babucm 07/09/2016
  2. Kajalsoni 06/09/2016
    • babucm 07/09/2016
      • Kajalsoni 07/09/2016
        • babucm 07/09/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 06/09/2016
    • babucm 07/09/2016
  4. Bharti das 06/09/2016
    • babucm 07/09/2016
    • babucm 07/09/2016
  5. Bindeshwar prasad sharma 06/09/2016
    • babucm 07/09/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 06/09/2016
    • babucm 07/09/2016
  7. Meena bhardwaj 06/09/2016
    • babucm 07/09/2016

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