शिक्षक – शिशिर मधुकर

अपने कर्मों से दूजों के जब तुम रक्षक बन जाओगे
जान लो उस क्षण ही तुम एक शिक्षक बन जाओगे
खुद से आगे बढ़ता देख तुम्हे जो इंसा खुश होता है
पहला कहलाता है पिता अगला तो शिक्षक होता है

शिशिर मधुकर

6 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 05/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 05/09/2016
  2. babucm 05/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 05/09/2016
  3. Kajalsoni 06/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/09/2016

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