….अपनी तकदीर….- (विवेक बिजनोरी)

ऐ काश के हमने तकदीर ये पायी होती,
तेरे दिल के आशियाने में थोड़ी जगह बनायीं होती
आपके अपने तो अपने हैं ये जानता हूँ मैं,
काश उन अपनों में अपनी भी गिनती आये होती
ऐ काश के हमने तकदीर ये पायी होती,
तेरे दिल के आशियाने में थोड़ी जगह बनायीं होती

विवेक कुमार शर्मा

4 Comments

  1. babucm 06/09/2016
    • vivekinfotrend 06/09/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 06/09/2016
  3. mani 06/09/2016

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