समय के साथ – शिशिर मधुकर

हरी शाखो के पत्ते भी सर्द मौसमौ में सदा झर जाते है
ऐसे वीरान हुए पेड़ों पर कभी खग भी ना घर बनाते हैं
समय के साथ फ़िर जब ये आलम ए फिजा बदलता है
नए पत्तों के साथ फूल भी डाली डाली पर भर जाते है

शिशिर मधुकर

14 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 04/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 04/09/2016
  2. Dr Swati Gupta 04/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 04/09/2016
  3. mani 04/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 04/09/2016
  4. C.m sharma(babbu) 04/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 04/09/2016
  5. Kajalsoni 04/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 04/09/2016
  6. Uttam 04/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 04/09/2016
  7. निवातियाँ डी. के. 05/09/2016

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