मेरी ख़ामोशी – शिशिर मधुकर

तुम्हारे बिन तड़पती हूँ अब तो मेरे पहलू में आ जाओ
मेरी सांसो में महको तुम और खुशबू में लिपट जाओ

बड़ी मजबूर हूँ तुमसे अब मैं कुछ भी कह नहीँ पाती
मेरी आँखो में झाँको तुम और सब कुछ समझ जाओ

मेरा तो रोम रोम हर इक पल तुम्ही को याद करता है
मिल कर तुम सुनो मेरी और कुछ अपनी बता जाओ

तुमने कहा था मेरा साथ किसी हालत में ना छोडोगे
सुन लो मेरी खामोशी और अपना वादा निभा जाओ

तुम्हारे ख़याल आते है तो मैं खुद मुस्कराने लगती हूँ
तुम मेरे सामने आकर मेरी वो चहचहाट तो दे जाओ

शिशिर मधुकर

18 Comments

  1. ALKA 02/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 03/09/2016
  2. Manjusha 02/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 03/09/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 03/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 03/09/2016
  4. Meena bhardwaj 03/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 03/09/2016
  5. mani 03/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 03/09/2016
  6. babucm 03/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 03/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 03/09/2016
  7. निवातियाँ डी. के. 03/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 03/09/2016
  8. Amit 06/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/09/2016

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