गुरु को प्रणाम

Guru

करे जीवन को साकार रूप प्रदत्त का काम
पत्थर से मानव को तराशे दे नगीना नाम
कभी मृदुल, कभी कठोर स्वरुप अपनाकर
इंसानियत पाठ पढ़ा दे ऐसे गुरु को प्रणाम !!

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______डी. के. निवातियाँ ______

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 05/09/2016
    • निवातियाँ डी. के. 05/09/2016
    • निवातियाँ डी. के. 05/09/2016
  2. Uttam 05/09/2016
    • निवातियाँ डी. के. 05/09/2016
  3. Kajalsoni 05/09/2016
    • निवातियाँ डी. के. 05/09/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/09/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/09/2016
      • निवातियाँ डी. के. 07/09/2016
    • निवातियाँ डी. के. 07/09/2016
  5. Manjusha 07/09/2016
    • निवातियाँ डी. के. 07/09/2016

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