जीवनसाथी का साथ

तुम जो साथ होते हो,
हर पल सुहाना लगता है,
अमावस्या की रात में भी,
पूर्णिमासी का चाँद चमकता है,
तेरे कदमो की आहट से,
रूह को चैन आता है,
मेरे इस मन की बगिया में,
फूल ही फूल महकाता है,
समां दिल में भड़कती है,
उम्मीद की लौ जलाती है,
साथ तेरा पाकर,
जिंदगी मुस्कुराती है,
मुश्किले हो चाहें कितनी भी,
हिम्मत मिल ही जाती है,
मेरे दिल के हर कोने से,
एक ही आवाज़ आती है,
प्रदीप के प्रकाश से ही,
स्वाति जगमगाती है।।
By:Dr Swati Gupta

20 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 01/09/2016
    • Dr Swati Gupta 01/09/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 01/09/2016
    • Dr Swati Gupta 01/09/2016
  3. babucm 01/09/2016
    • Dr Swati Gupta 03/09/2016
    • Dr Swati Gupta 03/09/2016
  4. mani 01/09/2016
    • Dr Swati Gupta 03/09/2016
    • Dr Swati Gupta 03/09/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 01/09/2016
    • Dr Swati Gupta 03/09/2016
  6. Kiran Kapur Gulatit 02/09/2016
    • Dr Swati Gupta 03/09/2016
  7. शीतलेश थुल 02/09/2016
    • Dr Swati Gupta 03/09/2016
  8. ANU MAHESHWARI 02/09/2016
    • Dr Swati Gupta 03/09/2016

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