मुहब्बतों का खुदा – शिशिर मधुकर

जिसके लिए मन में ना कोई भी क्षोभ रहे
और पाकर जिसे बाकी ना कोई लोभ रहे
उस इंसा में कुछ ना कुछ तो जुदा होता हैं
कई बार मैं तन्हाई में जब ये सोचा किया
हर बार मन के भीतर यही अहसास किया
वही शख्स तो मुहब्बतों का खुदा होता है

शिशिर मधुकर

10 Comments

  1. Dr Swati Gupta 01/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 01/09/2016
  2. Bindeshwar prasad sharma 01/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 01/09/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 01/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 01/09/2016
  4. babucm 01/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 01/09/2016
    • Shishir "Madhukar" 01/09/2016

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