मै सिस्टम लाचार मुझे लाचार रहने दो….

compulsion

मै सिस्टम लाचार मुझे लाचार रहने दो
दुनिया कहे बीमार मुझे बीमार रहने दो !!

कठपुतली बनके रहा गया हूँ चन्द हाथो की
हावी शाशन के चाबुक का शिकार रहने दो !!

बहुत भटका हूँ दर बदर पहन ईमान का चोला
बदले में मिला कटु नजरो का त्रिस्कार रहने दो !!

बिक गया बड़े सस्ते में रिश्वत को हाथो हाथ
बईमानी का सदा रहा गर्म बाजार रहने दो !!

हर जगह चलते देखा राज चमचागिरी का
चलती अब तो उनकी ही सरकार रहने दो !!

दम घुटता है “धर्म” का देखकर हालात अपने
नाम आजादी है मेरा मुझे पराधीन लाचार रहने दो !!
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डी. के. निवातियाँ [email protected]

22 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 30/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/08/2016
  2. RAJEEV GUPTA 30/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/08/2016
  3. babucm 30/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/08/2016
  4. Meena bhardwaj 30/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/08/2016
  5. Meena bhardwaj 30/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/08/2016
  6. Bindeshwar prasad sharma (bindu) 30/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/08/2016
  7. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 30/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/08/2016
  8. Dr Swati Gupta 30/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/08/2016
  9. महेश कुमार बैरवा 28/09/2019
    • डी. के. निवातिया 28/09/2019

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