जालिम -शिशिर मधुकर

अपनी कटु वाणी से कोई हम पे वार करता हैं
हर समय हर पल बस खूब तिरस्कार करता हैं
ज़हर के घूठ हम फ़िर भी हरदम पीया करते हैं
वो जालिम हमारे बच्चों को जो प्यार करता हैं

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 29/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 29/08/2016
  2. शीतलेश थुल 29/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 29/08/2016
  3. babucm 29/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 29/08/2016
  4. shrija kumari 29/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 29/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/08/2016
  5. Kajalsoni 29/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/08/2016

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