सोलह श्रृंगार

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मेहदी का रंग चढा पिया का ही प्‍यार है।
तुझ से ये जिन्‍दगी हर पल लगे बहार है।
तुम ही हो मेरा संसार बिन तुम मन उदास
इंतजार करू कब से तरसें सोलह श्रृंगार है
अभिषेक शर्मा अभि
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मुक्तक

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9 Comments

  1. mani 21/08/2016
  2. shrija kumari 21/08/2016
  3. sarvajit singh 22/08/2016
  4. Shishir "Madhukar" 22/08/2016
  5. babucm 22/08/2016
  6. शीतलेश थुल 22/08/2016
  7. Dr Swati Gupta 22/08/2016
  8. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/08/2016

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