“कोई है”- शीतलेश थुल

Sheetkoihai
कोई बात मेरी भी करता है, सुनकर अच्छा लगता है।
कोई याद मुझे भी करता है, सोचकर अच्छा लगता है।
मांगते है उसकी सलामती की दुआ चाहने वाले कई,
वो दुआ में सलामत मुझे मांगता है, जानकर अच्छा लगता है।
यूँ तो पाबंद नहीं वो कभी खुद पर, पर वो मेरे लिए भूखा रहता है।
ये ख्याल अपने आप में अच्छा लगता है।
दौलत-ए-शोहरत की कमी नहीं, पर मोह माया का लोभ नहीं,
कोई मेरे लिए ये सब कुछ छोड़ सकता है,विचार अच्छा लगता है।
क्यूँ ना हो जाऊ मैं कायल, हो गया है जो मेरे लिए पागल,
हमसफर बन जाये वो मेरा, कोई है जो सच्चा लगता है ।I
शीतलेश थुल !!

14 Comments

  1. babucm 20/08/2016
    • शीतलेश थुल 20/08/2016
  2. Shishir "Madhukar" 20/08/2016
    • शीतलेश थुल 21/08/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 20/08/2016
    • शीतलेश थुल 21/08/2016
  4. mani 20/08/2016
    • शीतलेश थुल 21/08/2016
  5. sarvajit singh 20/08/2016
    • शीतलेश थुल 21/08/2016
    • शीतलेश थुल 21/08/2016
    • शीतलेश थुल 21/08/2016

Leave a Reply