“रेशमी धागे”

रेशमी धागों की माया बड़ी अपरम्पार है
तुम्हारे आने की चाह में
ये कभी कुम्हला जाते हैं
तो कभी उलझ जाते हैं
बंधते तो साल में एक ही बार हैं
मगर बंधन की मजबूती की पकड़
बड़ी गहरी होती है
एक बार बंधने के बाद रिश्तों में
दूरी हो या नजदीकी
एक दूसरे की शुभेच्छा की आंकाक्षा
आकंठ आपूरित होती है.

“मीना भारद्वाज”

7 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 18/08/2016
  2. Meena bhardwaj 18/08/2016
  3. babucm 19/08/2016
    • Meena bhardwaj 19/08/2016
    • Meena bhardwaj 19/08/2016
  4. नीतू 22/11/2016

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