लाडली

आज सुनाती हू कहानी एक खूबसूरत प्यारी नन्ही मोह्तरमा की

हलचल सी मचा रही थी जिन्दगी तमाम
आचल मे आते उसके हो गई शान्त लह्ररे जो ले रही थी उफान

उसका मासूम चेह्ररा खिलखिलाकर कर रहा है बहार,
हर मुशकिलो से देता है सबको उभार

सोच मे है उसकी तेज उडान,
मस्त रहकर हर चाल को है लती सम्भाल

उसकी नज्ररो मे है अनोखी कशिश,
मुस्करा दे तो चहू ओर का वातावरण हो जाता लजीज

कुदरत सदा रखे इसे सलामत,
यही है खुदा से इबादत९

4 Comments

  1. babucm 17/08/2016
  2. mani 17/08/2016
  3. Kajalsoni 17/08/2016

Leave a Reply