जश्न ऐ आजादी……………….मनिंदर सिंह “मनी”

जश्न ऐ आजादी मना रहा हर कोई,
देश प्रेम आज दिखा रहा हर कोई,
पर कल देख लेना सारा अवाम,
देश की कमिया बता रहा होगा हर कोई
चल रहे गाने आज ऐ मेरे वतन के लोगो,
कल मुन्नी बदनाम हुई बजा रहा होगा हर कोई,
खरीदेंगे झंडा मोल भाव कर घर, दफ्तर को,
सजाने के लिए कल उतार फेक रहा होगा हर कोई,
खादी पहन गाँधी को याद करेंगे,
कल बॉण्डेड ब्रांडेड कर रहा होगा हर कोई,
लघु उधोगो को आज बढ़ाने की बातें,
कल विदेशी कंपनियो की चाह कर रहा होगा हर कोई,
सीना फुलाकर खड़े सभी राष्ट्रगान पर,
कल शर्म से उठ पा नहीं रहा होगा हर कोई,
वादा कर रहे लोग देश के लिए कुछ करने का,
कल इन्ही वादों को भुला रहा होगा हर कोई,
धुल गयी शहीदों की प्रतिमाये, चढ़ गए फूल,
कल नज़रे इनसे बचा रहा होगा हर कोई,
पडोसी मुल्को को हद में रहने की बातें,
कल शराब, शबाब में वक्त गुजार रहा होगा हर कोई,
पूछता नहीं कोई आज किसी से महजब,
कल देखना धर्म की आड़ में घर जला रहा होगा हर कोई,
सच कह “मनी” तूने क्या किया देश के लिए, सिवाए इसके,
जश्न ऐ आजादी की तू भी मना रहा छुट्टी, जैसे मना रहा हर कोई,

12 Comments

  1. vijaykr811 15/08/2016
  2. mani 15/08/2016
    • mani 15/08/2016
  3. Shishir "Madhukar" 15/08/2016
    • mani 15/08/2016
  4. Meena bhardwaj 15/08/2016
    • mani 15/08/2016
  5. C.m sharma(babbu) 15/08/2016
    • mani 16/08/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 16/08/2016
    • mani 16/08/2016

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