15 अगस्त

भारत का ये शुभ दिन आया,
जिस दिन मिली हमको आजादी थी,
मुक्त हुए थे ब्रिटिश गुलामी से,
हमको फिर से अपनी पहचान मिली थी,
जंजीरो के खुल गए ताले,
भारत माँ को मुक्ति मिली थी,
घने बादलों को चीरकर,
सूरज ने फहलाई लालिमा थी,
आजादी की वो सुबह,
हर भारतीय को हरषाने वाली थी,
हर बर्ष 15 अगस्त हमको,
वही अहसास कराता है,
शहीदों के बलिदानों की,
अमर गाथा को याद दिलाता है,
तिरंगा झंडा जब खुले आसमां,
में लहराता है,
हमारा सिर गर्व से,
नतमस्तक हो जाता है,
और हर हिंदुस्तानी एक ही,
सुर में ये गीत दोहराता है,
सारे जहां से अच्छा,
हिन्दोस्तां हमारा है,
हिन्दोस्तां हमारा है।
By:Dr Swati Gupta

11 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 14/08/2016
    • Dr Swati Gupta 16/08/2016
  2. Shishir "Madhukar" 14/08/2016
    • Dr Swati Gupta 16/08/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/08/2016
    • Dr Swati Gupta 16/08/2016
  4. sarvajit singh 14/08/2016
    • Dr Swati Gupta 16/08/2016
  5. mani 15/08/2016
    • Dr Swati Gupta 16/08/2016

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