आव्हान

आव्हान

बढ़ते रहेंगे कदम हमारे बढ़ते रहेंगे
जब तक रहेगा यह तिरंगा हमारा हाथ में।
राष्ट्रगीत भी हम सब शान से गाते चलेंगे
जब तक गूँजा करेगी धुन भी हमारी साथ में।

कदम मिलाकर साथ चलेंगे हम औ बढ़ेंगे
महक वतन की जब तक रहेगी हर इक साँस में।
चिरागों की हिफाजत हम सभी करते रहेंगे
औ वतन की रोशनी जगमगायेंगे प्राण में।

शान अपने देश की सम्मान से हम रखेंगे
जब तक रहेगी धार इस कलम औ तलवार में।
सारे जहाँ से अच्छा हम हिन्दोस्ताँ रखेंगे
रोशन रखेंगे अपनी संस्कृति इस संसार में।

इसलिये बढ़ते चलो, बढ़ते चलो, बढ़ते चलो
लेकर अपना प्यारा तिरंगा बस बढ़ते चलो।
गीत भी अपने वतन का शान से गाते चलो
गुँजने दो गगन में स्वर इस तरह ऊँचा करो।

इसलिये बढ़ते चलो, बढ़ते चलो, बढ़ते चलो
रुको नहीं, थको नहीं, चलते रहो, बढ़ते रहो।
….. भूपेन्द्र कुमार दवे
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3 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 14/08/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/08/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 14/08/2016

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