क्यूँ ?:-विजय

प्यास पानी की है
नदी खून की क्यूँ बहाते हो
भूख रोटी की है
फसल बन्दूक की क्यूँ उगाते हो

वंश बढ़ाना है तो
बेटी की बलि क्यूँ देते हो
अमृत प्रेम की चाहते हो
विष नफरत का क्यूँ फैलाते हो

खुद को बाहुबली कहने वाले
बच्चो से काम क्यूँ कराते हो
खुद को अमीर कहने वाले
धन गरीब का क्यूँ लूटते हो

जानवर से भी प्यार करने वाले
इंसानो पे कोड़े क्यूँ बरसाते हो
मुर्दो को भी कपड़ें पहनाने वाले
जिंदो को नंगा क्यूँ करते हो

8 Comments

  1. mani 14/08/2016
    • vijaykr811 15/08/2016
  2. Shishir "Madhukar" 14/08/2016
    • vijaykr811 15/08/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 14/08/2016
    • vijaykr811 15/08/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/08/2016
    • vijaykr811 15/08/2016

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