रक्षा बंधन

रक्षा बंधन त्यौहार है, भाई बहन के प्यार का,
निश्छल प्रेम और विश्वास का,
जहाँ छल कपट की जगह नहीं,
पैसों की कोई दीवार नहीं,
जहाँ प्यार ही प्यार पनपता हो,
लालच का कोई आधार नहीं,
धागा है ये प्रीत का,
विश्वास से बंधी है इसकी डोर,
बहन बांधे जब भाई के हाथों में,
अहसास दिलाती है भैया को,
तेरी खुशियां मुझको प्यारी है,
नहीं चाहिए मुझको कुछ और,
वादा चाहती हूँ इतना सा,
जब भी मैं मायके में आऊँ,
प्यारी सी यादें ले जाऊँ,
तेरी खुशियां देखकर,
दुनियाभर की खुशियां मैं पा जाऊँ,
बहन के इस निश्छल प्यार पर,
भइया मन ही मन इतराता है,
वादा करता है बहना से,
राखी का मान बढ़ाऊँगा,
भाई बहन के इस प्यारे बंधन को,
पूरी श्रद्धा से मैं निभाऊंगा,
मायके जब भी तू आएगी,
जहाँ भर की खुशियां पायेगी,
ग़म की कोई जगह न होगी,
प्यारी सी यादें लेकर जायेगी,
प्यारी सी यादें लेकर जायेगी।।
By:Dr Swati Gupta

17 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 13/08/2016
    • Dr Swati Gupta 13/08/2016
  2. शीतलेश थुल 13/08/2016
    • Dr Swati Gupta 13/08/2016
    • Dr Swati Gupta 13/08/2016
  3. mani 13/08/2016
    • Dr Swati Gupta 13/08/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 13/08/2016
    • Dr Swati Gupta 13/08/2016
    • Dr Swati Gupta 13/08/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 13/08/2016
    • Dr Swati Gupta 13/08/2016
    • Dr Swati Gupta 13/08/2016
  6. sarvajit singh 13/08/2016
    • Dr Swati Gupta 13/08/2016

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