बाढ़ – शिशिर मधुकर

नदियों के बहाव को रोका और उन पर बाँध बना डाले
जगह जगह बहती धाराएँ अब बन के रह गई हैं गंदे नाले
जब धाराएँ सुकड़ गई तो उन सब की धरती कब्जा ली
सीनों पर फ़िर भवन बन गए छोड़ा नहीं कुछ भी खाली
अच्छी वर्षा जब भी होती हैं पानी बाँधो से छोड़ा जाता है
वो ही तो फ़िर धारा के सीनों पर भवनों में घुस जाता हैं
इसे प्राकृतिक आपदा कहकर सब बाढ़ बाढ़ चिल्लाते हैं
मीडिया अफसर नेता मिलकर तब रोटियां खूब पकाते हैं

शिशिर मधुकर

18 Comments

  1. Dr Swati Gupta 13/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 13/08/2016
  2. शीतलेश थुल 13/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 13/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 13/08/2016
  3. RAJEEV GUPTA 13/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 13/08/2016
  4. mani 13/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 13/08/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 13/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 13/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 13/08/2016
  6. sarvajit singh 13/08/2016
  7. Shishir "Madhukar" 13/08/2016
  8. निवातियाँ डी. के. 13/08/2016
  9. Shishir "Madhukar" 13/08/2016

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