प्यार ही प्यार “” ” “” “””””””” सविता वर्मा

तुमसे मिलने वाली खुशी और प्यार को सम्भालना चाहतीं हूँ
तुमसे हरदम मिलना और तुमको जानना चाहती हुँ
कर दो दूर अपने शरम और अपने भरम को
तुमसे प्यार का हार प्यार से पहनना चाहतीं हूँ।।

11 Comments

  1. शीतलेश थुल 13/08/2016
  2. Saviakna 13/08/2016
  3. अभिनय शुक्ला 13/08/2016
  4. mani 13/08/2016
  5. Saviakna 13/08/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 13/08/2016
  7. Shishir "Madhukar" 13/08/2016
  8. sarvajit singh 13/08/2016
  9. Er Anand Sagar Pandey 14/08/2016

Leave a Reply