गिरधर तेरे रंग हज़ार – सर्वजीत सिंह

गिरधर तेरे रंग हज़ार

गिरधर तेरे रंग हज़ार तूने ही जग में बांटा प्यार
दया प्रभु तू करना हम पर खुश रहे सदा घर संसार
गिरधर तेरे रंग हज़ार —————————-

इच्छा मेरी पूर्ण कर दे
खाली मेरी झोली भर दे
तू चाहे तो पल में कर दे
तेरी लीला अपरम्पार
गिरधर तेरे रंग हज़ार —————————-

तू ही सारे जग को चलाता
तुझको ही तो कहते विधाता
मात पिता तू बहन भ्राता
तू ही सबका पालनहार
गिरधर तेरे रंग हज़ार —————————-

सर्वजीत सिंह
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18 Comments

  1. mani 12/08/2016
    • sarvajit singh 12/08/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 12/08/2016
    • sarvajit singh 12/08/2016
  3. kiran kapur gulati 12/08/2016
    • sarvajit singh 12/08/2016
  4. Shishir "Madhukar" 12/08/2016
  5. अरुण कुमार तिवारी 12/08/2016
  6. sarvajit singh 12/08/2016
  7. babucm 13/08/2016
    • sarvajit singh 13/08/2016
  8. शीतलेश थुल 13/08/2016
    • sarvajit singh 13/08/2016
  9. Dr Swati Gupta 13/08/2016
    • sarvajit singh 13/08/2016

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