“अस्तित्व”….शीतलेश थुल !!

अस्तित्व
क्या थी खबर की तू हमसे आज इस कदर रूठ जायेगा।
मनाने की कश्मकश में हमारा दम निकल जायेगा।
तू तो चल दिया ऐसे बेखबर होकर।
ये भी न सोचा कोई अपना पीछे छूट जायेगा।

दुनिया की खोखली निगाहों से ,
बचाते रहे दामन को तेरे ,
क्या खबर थी के मुसीबत में,
अपना ही ग़िरेबाँ लूट जायेगा।

सितारों से भी बुलंद करने में ,
तेरी तक़दीर को मशगुल।
ये भी ना सोंचा शीतलेश के ,
एक दिन तेरा अस्तित्व ही मिट जायेगा।
शीतलेश थुल !!

8 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 11/08/2016
    • शीतलेश थुल 12/08/2016
  2. C.m.sharma(babbu) 11/08/2016
    • शीतलेश थुल 12/08/2016
  3. Kajalsoni 11/08/2016
    • शीतलेश थुल 12/08/2016
  4. Savita Verma 11/08/2016
    • शीतलेश थुल 12/08/2016

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