दिल से प्यार -शिशिर मधुकर

जो तुम्हे दिल से प्यार करते हैं वो तो नजरो से दुलार करते हैं
जिनके सीनो में ख़ार बसती हैं वो जलती बातों से वार करते हैं

हुस्न तन्हा जब दुख में रोता हैं चेहरे से सब हाल बयां होता है
प्रेम साँसों में भरा हो जिनके बिना तमाशे वो इंतजार करते हैं

जिंदगी जिनके लिए पैसा हैं उनको हो जाता क्यों रोग ऐसा हैं
जब भी मौका हो साथ देने का वो अपने ही तिरस्कार करते हैं

फितरत उनकी जो ना बदलती है दोष उनका नहीँ हैं कोई भी
हम अनाड़ी थे जो समझ बैठे बबूलो से भी हरसिंगार झरते हैं

कैसे शिकवा करें लोग कहते रहे पर कोई बात हमने ना सुनी
हश्र होता है यही मधुकर जो संगदिलों पर जां निसार करते हैं

शिशिर मधुकर

22 Comments

  1. babucm 11/08/2016
  2. Shishir "Madhukar" 11/08/2016
  3. Kajalsoni 11/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 11/08/2016
  4. mani 11/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 11/08/2016
      • babucm 12/08/2016
        • Shishir "Madhukar" 12/08/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 11/08/2016
  6. Shishir "Madhukar" 11/08/2016
  7. Dr Swati Gupta 11/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 11/08/2016
  8. shivdutt 11/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 11/08/2016
  9. Meena bhardwaj 11/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 11/08/2016
  10. ANAND KUMAR 11/08/2016
  11. Shishir "Madhukar" 11/08/2016
  12. Shishir "Madhukar" 11/08/2016
  13. sarvajit singh 11/08/2016
  14. Shishir "Madhukar" 12/08/2016

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