आज फिर मुस्कुराने का मन है

आज फिर मुस्कुराने का मन है

आज फिर मुस्कुराने का मन है
कुछ छूटा, कुछ है, और कुछ पाने का मन है।
आज फिर मुस्कुराने का मन है॥

जो छूटा है उसे भुलाना आसान तो नही
मगर जो साथ है, उसे साथ ले जाने का मन है,
आज फिर मुस्कुराने का मन है॥

माना के मंज़िले आसान नही होती, मगर होती तो हैं,
ऐसी किसी मंजिल का मुकाम पाने का मन है॥
आज फिर मुस्कुराने का मन है॥

जो पाया है वह अच्छा, जो खोया है वही भी अच्छा
बस एक बार..खोने का आनंद पाने का मन है..
आज फिर मुस्कुराने का मन है॥

चलो एक बार फिर रुक जाता हू यही..हमेशा की तरह
बस एक बार इस गंगा मे उतर जाने का मन है
आज फिर मुस्कुराने का मन है॥

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 11/08/2016
    • Gyanender Singh 15/06/2019
  2. babucm 11/08/2016
    • Gyanender Singh 15/06/2019
  3. Kajalsoni 11/08/2016
    • Gyanender Singh 15/06/2019
  4. निवातियाँ डी. के. 11/08/2016
    • Gyanender Singh 15/06/2019

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