किस्से इश्क़ के………………….मनिंदर सिंह “मनी”

चाहत मेरी बस इतनी के गुज़र जाए ज़िन्दगी तेरी याद में,
लिख दी है हर ख़ुशी तेरे नाम मैंने अपनी हर फ़रियाद में,,

नहीं हूँगा जब पास तो पता चलेगा इश्क़ मेरे का वजूद तुझे,
दीवानी हो ढूँढोगी मांगोगी मुझे अपनी हर दुआ फ़रियाद में,,

होती थी रोज मुलाकत हमारी सुनसान खेत खलिहानों राहों पे,
मन झूम उठता था छम छम पायलें जब तेरी करती थी पाद में,,

है मन में इस कदर तू बस गयी के नहीं होता कुछ और गुमान,
छनकती चूड़ियां सुनायी दे हैं जब मांगता हूँ तुझे अपनी मुराद में,,

बेशक दुश्मन है सारा ज़माना हमारी मोहब्बत का आज “मनी”,
यही लिखेगा किस्से इश्क़ के हमारे दुनिया से जाने के बाद में,,

20 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma (bindu) 10/08/2016
    • mani 10/08/2016
    • mani 10/08/2016
  2. Dr Swati Gupta 10/08/2016
    • mani 10/08/2016
    • mani 10/08/2016
  3. Kajalsoni 10/08/2016
    • mani 10/08/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
    • mani 10/08/2016
  5. शीतलेश थुल 10/08/2016
    • mani 10/08/2016
  6. Shishir "Madhukar" 10/08/2016
    • mani 10/08/2016
  7. babucm 10/08/2016
    • mani 10/08/2016
  8. sarvajit singh 10/08/2016
    • mani 10/08/2016

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