रिश्ते ………

रिश्तो की भी अपनी अजीब ही दुनिया देखी हमने !
कुछ बनाये नही बनते, कुछ संभाले नही सम्भलते !!

!
!
!
D.K. Nivatiya

22 Comments

  1. sarvajit singh 09/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 09/08/2016
  2. Kajalsoni 09/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 09/08/2016
  3. mani 09/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 09/08/2016
  4. Saviakna 09/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 09/08/2016
  5. ANAND KUMAR 09/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 09/08/2016
  6. Shishir "Madhukar" 10/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
  7. babucm 10/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
  8. Dr Swati Gupta 10/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
  9. Meena bhardwaj 10/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 10/08/2016

Leave a Reply