आखिर वो कौन है ……….??? (बेटी)

आखिर वो कौन है ……….???

चाहती है दिलो-ओ -जान से
मुझ पे वो कितना मरती है
बुनती हर ख्वाब निश दिन
मेरे आसरे वो दम भरती है

नित संध्या बाट निहारे
डयोढ़ी संग खड़ी ताकती है
अब आ रहे होंगे शायद
हर पल बाहर को झांकती है

करती है मांगे नाना प्रकार
कभी हँसती, कभी रूठती है
परवाह करे कोई बाद माँ के
दुआओ में मेरी ख़ुशी मांगती है

खबर मुझे है, ज्ञात उसे भी
उम्र सारी न साथ गुजरनी है
पर जब तक संग एक दूजे के
जिंदगी जन्नत से प्यारी है !!

थका मांदा जब घर लौटता हूँ
मेरी बाहो में वो सिमट जाती है
भूल जाता हूँ उस क्षण दुनिया को
सारे जहां की खुशियाँ मिल जाती है !!

रात दिन उसके ख्वाबो को
साकार करने में मिट मिट जाता हूँ
कैसे रह पाउँगा बिन उसके
जिससे अपना घर रोशन पाता हूँ !!

जीत हूँ दिन रात डर डर के
सहमे सहमे खुशियाँ मनाता हूँ
मान-सम्मान मेरा सब कुछ
उसके दम पे शीश उठाता हूँ !!

बना रहे मेरा विश्वास अडिग
अगर जीवन में सफलता वो पाती
जग से कह सकूंगा उठा शीश मैं
हाँ बेटे से प्यारी मुझे मेरी बेटी है

फूलो जैसे उसको संवारा
आँगन सदा जो महकाती है
अनमोल रत्न मेरे जीवन का
वो मेरे घर की अपनी बेटी है !!
वो मेरे घर की अपनी बेटी है !!
वो मेरे घर की अपनी बेटी है !!

( डी. के निवातियाँ )

20 Comments

  1. sarvajit singh 09/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 09/08/2016
  2. Kajalsoni 09/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 09/08/2016
  3. mani 09/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 09/08/2016
  4. ANAND KUMAR 09/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 09/08/2016
  5. kiran kapur gulati 10/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
  6. Shishir "Madhukar" 10/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
  7. babucm 10/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
  8. Dr Swati Gupta 10/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 10/08/2016
  9. MANOJ KUMAR 24/10/2016
  10. निवातियाँ डी. के. 25/10/2016

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