ह्रदय की कुंठा – शिशिर मधुकर

दलितों का दलितों ने ही सदियों से अपमान कराया हैं
इतने वर्षों बाद भी आखिर उन सबने कुछ ना पाया हैं
किसी वर्ग के हाथों में चाहे कितनी भी शक्ति आ जाए
कोई लाभ नहीँ मिलता गर ह्रदय की कुंठा दूर ना जाए
खुद को दलित दलित चिल्लाकर हीन भावना पाली हैं
आरक्षण की बैसाखी से आगे सोच न कभी निकाली हैं
जो सर्व समाज के साथ दूरियां लोगों को कम करनी हैं
सम शिक्षा और सम अवसर की भावना मन में भरनी हैं
लेकिन इनके लीडर ही इनका पुनुरुत्थान ना चाहते हैं
अपनी झोली भरने की खातिर बेमतलब शोर मचाते हैं

शिशिर मधुकर

19 Comments

  1. MANOJ KUMAR 09/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 09/08/2016
  2. babucm 09/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 09/08/2016
  3. Bindeshwar prasad sharma 09/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 09/08/2016
  4. Dr Swati Gupta 09/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 09/08/2016
  5. Kajalsoni 09/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 09/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 09/08/2016
  6. sarvajit singh 09/08/2016
  7. geeta sharma 23/02/2019
    • Shishir "Madhukar" 25/02/2019
  8. oyarehajile 14/04/2019

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