समाधान – अनु महेश्वरी

पानी में ना तस्वीर बने,
ना ख्वाबों से ज़िन्दगी सजे।
ज़िन्दगी को जीकर देखों,
जीने में ही इसका मज़ा।

क्रोध से कब काम बने,
नाराज़गी से कब खुशी मिले,
हँसके बात करके देखो,
हर मसले का हल मिले।

‘अनु महेश्वरी’
चेन्नई

9 Comments

  1. babucm 22/08/2016
    • ANU MAHESHWARI 22/08/2016
  2. शीतलेश थुल 24/08/2016
    • ANU MAHESHWARI 24/08/2016
    • Anu Maheshwari 24/08/2016
  3. Bimla Dhillon 29/08/2016
    • ANU MAHESHWARI 29/08/2016
  4. Kiran Kapur gulati 10/08/2019

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