दोस्ती

दोस्ती में अगर प्यार का अफसाना न होता,
तो अब तक “आनन्द” इतना खुश न होता,
दोस्ती में वो ताकत है, जो आसमाँ को भी झुका दे,
क्योंकि आसमाँ के इतना कोई ऊँचा नहीं होता ।।(1)

मैं खुशनसीब हूँ, जो हमें आप जैसा दोस्त मिला,
दुनिया तो मतलबी होती है,
पर दोस्त इन सबसे अलग होता है,
वक्त पड़ने पर दोस्त, अपनी जान भी देकर,
अपना फ़र्ज निभाता है ।।(2)

दोस्ती दिलों की जान होती है,
दो दिलों का अरमान होती है,
दोस्त तो खुदा का भेजा हुआ बन्दा है,
जिस पर जिन्दगी कुर्बान होती है ।।(3)
[ दोस्ती मुबारक ]
– आनन्द कुमार

6 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 07/08/2016
    • ANAND KUMAR 08/08/2016
  2. babucm 08/08/2016
    • ANAND KUMAR 08/08/2016
  3. Kajalsoni 08/08/2016
    • ANAND KUMAR 08/08/2016

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