प्रेम रतन धन – शिशिर मधुकर

प्रेम रतन धन जब किसी ने इस दुनियाँ में पाया है
ज़माना पहले पहल ना समझ उनको बौखलाया है
जीते जी तो वो ऐसे लोगों पर हर बंदिश लगाता है
बाद में याद कर उनकी श्रद्धा भक्ति को दिखाता है

शिशिर मधुकर

12 Comments

    • Shishir "Madhukar" 07/08/2016
  1. C.m.sharma(babbu) 07/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/08/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 07/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/08/2016
  3. Kajalsoni 07/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/08/2016
  4. mani 07/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/08/2016
  5. sarvajit singh 07/08/2016
  6. Shishir "Madhukar" 07/08/2016

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