तेरे इंतज़ार में – ग़ज़ल – सर्वजीत सिंह

तेरे इंतज़ार में – ग़ज़ल – सर्वजीत सिंह

दिल में तेरी ही मोहब्बत है बस तेरा ही तो इंतज़ार है
इक बार तू अपने लब से कह दे कि तुझे मुझसे प्यार है

मैं तो दीवाना हूँ तेरा मुद्दत से मरता हूँ तेरी हर अदा पे
तू भी दीवानी होकर इक बार कह दे के तेरा भी इकरार है

मैंने सरे आम सबको बता दिया अपनी मोहब्बत के बारे में
तू भी बता दे जो तेरी आँखों में दिखता मोहब्बत का इज़हार है

मैंने तो मान लिया है बस तुझे ही अपनी मोहब्बत का खुदा
तू आकर मुझे ये तो बता दे क्या तुझे इस बात से इंकार है

तुझे आना ही होगा आकर रहोगी चाहे जितना भी खुद को रोको
सर्वजीत ये जानता है के तेरा दिल भी मुझसे मिलने को बेकरार है

सर्वजीत सिंह
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16 Comments

  1. C.m.sharma(babbu) 07/08/2016
    • sarvajit singh 07/08/2016
  2. mani 07/08/2016
    • sarvajit singh 07/08/2016
  3. Shishir "Madhukar" 07/08/2016
    • sarvajit singh 07/08/2016
  4. Kajalsoni 07/08/2016
    • sarvajit singh 07/08/2016
  5. Dr Swati Gupta 07/08/2016
    • sarvajit singh 07/08/2016
  6. निवातियाँ डी. के. 07/08/2016
  7. sarvajit singh 07/08/2016
  8. Meena bhardwaj 08/08/2016
    • sarvajit singh 08/08/2016
  9. Savita Verma 08/08/2016
  10. sarvajit singh 08/08/2016

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