रिश्तों के पुल

आँखों के समंदर में
विश्वास की गहराई से
बन जाते हैं
रिश्तों के पुल

दिलों का आवागमन
जज्बातों का आदान प्रदान
कराते हैं
रिश्तों के पुल

दायरे होते हैं इनके
बंधनों की रैलिंग लगाते हैं
रिश्तों के पुल

वारंटी दिखती नहीं
पर प्यार का भार
जन्म भर उठाते हैं
रिश्तों के पुल

चेतावनी भी नहीं मिलती
अहं की हल्की सी ठोकर से
कांच से चटक जाते हैं
रिश्तों के पुल

18 Comments

    • Girija 06/08/2016
  1. Shishir "Madhukar" 05/08/2016
    • Girija 06/08/2016
  2. शीतलेश थुल 05/08/2016
    • Girija 06/08/2016
  3. babucm 05/08/2016
    • Girija 06/08/2016
  4. Kajalsoni 05/08/2016
    • Girija 06/08/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 05/08/2016
    • Girija 06/08/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 05/08/2016
    • Girija 06/08/2016
  7. mani 05/08/2016
    • Girija 06/08/2016
  8. अरुण कुमार तिवारी 05/08/2016
    • Girija 06/08/2016

Leave a Reply