लिखता हु………………….मनिंदर सिंह “मनी”

ना मैं गीत लिखता हूँ,
ना मैं गजल लिखता हूँ,,
लगे जो लफ्ज़ अच्छे,
दिल को, वही लिखता हूँ,,
ना किसी के अहसास,
ना ख्वाब चुरा लिखता हूँ,
कभी अपनी आँखों देखा,
कभी कानो सुना लिखता हूँ,
बचपन के खोये रंगों को,
उतार कागज पर लिखता हूँ,
जवानी के संघर्ष को,
कलम की धार बना लिखता हूँ,
कहीं इश्क के उगते,
सूरज को रौशनी बना लिखता हूँ,
कहीं इश्क की आखरी,
विरह की शाम लिखता हूँ,
मुस्कुराती हुई अपनी बेटी की,
मुस्कराहट के नाम लिखता हूँ,
बिताया हर पल अपने,
हमसफ़र के साथ को लिखता हूँ,
पिता जी के गुस्से में,
छिपा प्यार लिखता हूँ,
नहीं मेरी माँ मेरे साथ,
हैं दुयाएँ उसकी साथ लिखता हूँ,
दोस्त जो छूट गए, उनके साथ,
बिताया याराना लिखता हूँ,
मिले जो नए दोस्त, उनके साथ,
टकराये जाम लिखताहूँ,
ज्ञान का दीया जलाया जिन्होंने,
उन गुरुवरों को प्रणाम लिखता हूँ,
अपनी जिंदगी का हर हिस्सा,
बना किस्सा लिखता हूँ,
सीखा जिस किसी से मैंने,
तहे दिल धन्यवाद लिखता हूँ,
दिए जिसने सुझाव मुझे,
कोटि कोटि आभार लिखता हूँ,
मैं छोटा सा कलमकार,
सीखने की चाह लिए लिखता हूँ,
जब तक है साँस में साँस,
एक खवाब सा लिए लिखता हूँ,
ऐ “मनी” मांग उधार,
वक्त से कुछ पल लिए लिखता हूँ,
मिले ना मेरे लफ्ज़ तुमसे,
फिर कभी, सोच लेना,
किसी और दुनिया में लिखता हूँ,

27 Comments

  1. RAVINDRA KUMAR RAMAN 05/08/2016
    • mani 05/08/2016
  2. ALKA 05/08/2016
    • mani 05/08/2016
  3. Shishir "Madhukar" 05/08/2016
    • mani 05/08/2016
  4. babucm 05/08/2016
    • mani 05/08/2016
      • babucm 05/08/2016
        • babucm 05/08/2016
          • mani 05/08/2016
  5. अखिलेश प्रकाश श्रीवास्तव 05/08/2016
  6. mani 05/08/2016
  7. Er Anand Sagar Pandey 05/08/2016
    • mani 05/08/2016
  8. Kajalsoni 05/08/2016
    • mani 05/08/2016
    • mani 05/08/2016
  9. निवातियाँ डी. के. 05/08/2016
    • mani 05/08/2016
  10. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 05/08/2016
    • mani 06/08/2016
  11. sarvajit singh 05/08/2016
    • mani 06/08/2016
  12. अरुण कुमार तिवारी 05/08/2016
    • mani 06/08/2016

Leave a Reply