रिंग और स्टेयरिंग……………मनिंदर सिंह “मनी”

एक हाथ में स्टेयरिंग,
दूसरे में उठा लिया,
फ़ोन, बजते ही रिंग,
हो जाएगी दुर्घटना,
ऐसा नहीं मुमकिन,
गाड़ी चलाने में,
मैं हु ड्राइविंग किंग,
गति १०० से भाग,
रही मेरी गाड़ी जिन्न,
जल्दी थी पार्टी में,
जा करने की डिंग डिंग,
हँसी मेरी गयी,
मुझसे अचानक छिन्न,
हुई दुर्घटना लगी इतनी,
चोटे, जाएँगी नहीं गिंन,
बेहताशा पड़ा में,
गाड़ी में,
सुनाई देनी लगी रिंग,
दुर्घटना से देर भली,
आई बात समझ में,
शरीर अच्छा है तो,
कभी भी कर लेंगे,
डिंग डिंग,
ऐ “मनी” गाड़ी साइड पर,
लगा करना बात,
जब भी बजे फ़ोन की रिंग,

18 Comments

  1. kiran kapur gulati 04/08/2016
    • mani 05/08/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 04/08/2016
    • mani 05/08/2016
  3. sarvajit singh 04/08/2016
    • mani 05/08/2016
  4. Shishir "Madhukar" 05/08/2016
    • mani 05/08/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 05/08/2016
    • mani 05/08/2016
  6. babucm 05/08/2016
  7. mani 05/08/2016
  8. Er Anand Sagar Pandey 05/08/2016
  9. mani 05/08/2016
  10. Kajalsoni 05/08/2016
    • mani 05/08/2016
    • mani 05/08/2016

Leave a Reply