मोडर्न इश्क………..मनिंदर सिंह “मनी”

देख आशिक की चिता,
इश्क सारी हदे तोड़ता मिला,
विरोह की आग में प्रेमिका का,
अक्स जलता देखने को मिला,
पत्थरो को भी मोम बन सरेआम,
पिघलता देखने को मिला,
प्रेमिका लेट गयी चिता पर,
जल जाएगी खुद भी ऐसा लगा,
निकाला फ़ोन, खीच सेल्फी,
रोता सा मुह लिए, पोस्ट लिखा,
मैं भूतपूर्व आशिक के साथ चिता पर,
लेटी, विधवा सा अहसास दे चला,
श्मशान घाट पर, एक पंडित, और,
१४ लोगो के बीच अकेला छोड़ चला,
देख लाइक और कमैंट्स की ख़ुशी में,
थैंक्स करता दोस्तों को जवाब मिला,
प्रेमिका बोली अब क्या इसे जिन्दा,
करने का इरादा है क्यों नहीं देते जला?
कैसा मोडर्न इश्क है ? ऐ “मनी”
तू मत सोच, हँसा बस हर किसी को हँसा,

नोट-एक चुटकुले को कविता का रूप दिया गया है | सिर्फ आप को हँसाने के लिए |

18 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 04/08/2016
    • mani 04/08/2016
    • mani 04/08/2016
    • mani 04/08/2016
  2. Bindeshwar prasad sharma (bindu) 04/08/2016
    • mani 04/08/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 04/08/2016
    • mani 04/08/2016
  4. Kajalsoni 04/08/2016
    • mani 04/08/2016
  5. kiran kapur gulati 04/08/2016
    • mani 05/08/2016
  6. sarvajit singh 04/08/2016
    • mani 05/08/2016
  7. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 05/08/2016
    • mani 05/08/2016

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