जूझती जिन्दगी

जूझती जिन्दगी
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हार गयी हिम्मत इंसानियत के नाम से
जूझती जिंदगी महफूज़ नहीँ बेलगाम से

खून मैला है मैले आदमी की
डरती मानवता हर शैतान से
दुश्वारियों के पथ पर
चलना अब आसान नहीँ
अमन चैन वाले भी
अब जा रहे हैं जान से

अपने कलेजे में छुपा रखी थी
कितनी हसरत
मिट गयी आज वो जहान से
क्रूर नाखूनों की बर्बरता ऐसी
कानून का हाथ भी बेबस दिखा हैवान से
हार गयी हिम्मत
इंसानियत के नाम से

डॉ सी एल सिंह
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5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 04/08/2016
  2. mani 04/08/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 04/08/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 04/08/2016
  5. sarvajit singh 04/08/2016

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