सफर का लुत्फ

न खबर थी हमे आने की न पता है हमे जाने का।. कुछ दिनो का ठिकाना है दुनिया हम बेगानो का।. मशरुफ है सब वक्त नही है समझने समझाने का।.
लुत्फ देगा सफर जीन्दगी का गर है इरादा नेक काम करजाने का।. (आशफाक खोपेकर)

7 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 03/08/2016
  2. RAVINDRA KUMAR RAMAN 04/08/2016
  3. ANAND KUMAR 04/08/2016
  4. mani 04/08/2016
  5. Dr Chhote Lal Singh 04/08/2016
  6. C.m.sharma(babbu) 04/08/2016

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