एक दुझे के नाथ

मुक्तक
————————————————————————————
एक हो कर मिलाओ हाथों से हाथ
झुकेेगा आसमां अगर हम हो साथ
मिल कर बनाये प्‍यार की बडी दीवार
संकट में बने हम एक दुझे के नाथ
अभिषेक शर्मा अभि
————————————————————————————
ldh6

7 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 03/08/2016
  2. mani 03/08/2016
  3. Dr Swati Gupta 03/08/2016
  4. sarvajit singh 03/08/2016
  5. Shishir "Madhukar" 03/08/2016
  6. C.m.sharma(babbu) 04/08/2016

Leave a Reply