हमारी सोच……..मनिंदर सिंह “मनी”

अजी साहब
ये तो आम बात है,
नया कुछ मसालेदार सुनाओ,
गरीब की इज़्ज़त का क्या ?
वो तो आती जाती रहेगी,
राजनीती, ग्लैमर, पडोसी मुल्क का,
नया कोई कारनामा सुनाओ,
नेता जी का गुम हुआ कुत्ता,
लगी पुलिस ढूंढने,
पल-पल की रिपोर्ट में,
तड़प रहे नेता जी और उनके,
शुभचिंतक दिखलाओ,
हर रोज कुचले जाते,
कितने बच्चे उठा लिए जाते,
होता कुछ भी नहीं,
ये रोज की बात है,
इसे हटा कुछ नया दिखलाओ,
कैटरीना ने पहनी साड़ी,
करीना का उतरा पल्लू,
जल्दी से छापो यार,
लियोनी के पीछे पागल,
हर सल्लू को उसके,
सपने में दिखलाओ,
कॉमेडी के बहाने,
तोड़ दो हर मर्यादा को,
दिखा खेल निर्लज़्ज़तां का,
तुम खूब हँसाओ,
समस्याओ का क्या है?,
सारी उम्र लगी रहेंगी,
उजड़ गए घर कितने नशो में,
मर रहा किसान,
टी आर पी बढ़ जाये,
कुछ ऐसा तड़का लगा दिखलाओ,
भक्ति में शक्ति,
शक्ति में अन्धविश्वास,
अन्धविश्वास में कभी पाताल लोक,
स्वर्ग को जाती सीढिया दिखलाओ,
बाबाओ के कटु बयान,
भगवान के नाम पर लड़ते,
झूठे साधो को,
पूजनीय कह सुबह शाम दिखलाओ,
कसूरवार मीडिया से,
ज्यादा हमारी सोच है,
मिलता वही है जो हमारी मांग है,
छोड़ो “मनी” के लफ़्ज़ों को,
कुछ तड़पता सा, कुछ सनसनी सा,
शर्मो हया को गिरता,
कोई किस्सा सुनाओ या दिखलाओ,

22 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 02/08/2016
  2. mani 02/08/2016
    • mani 02/08/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 02/08/2016
    • mani 02/08/2016
    • mani 02/08/2016
  4. Meena bhardwaj 02/08/2016
    • mani 02/08/2016
  5. Kajalsoni 02/08/2016
    • mani 02/08/2016
  6. ALKA 02/08/2016
    • mani 02/08/2016
  7. sarvajit singh 02/08/2016
    • mani 03/08/2016
  8. सोनित 02/08/2016
    • mani 03/08/2016
  9. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 03/08/2016
    • mani 03/08/2016
  10. C.m.sharma(babbu) 03/08/2016
    • mani 04/08/2016

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